Abhivyakt

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"चिड़िया कहती है, काश, मैं बादल होती । बादल कहता है, काश मैं चिड़िया होता।"- रवीन्द्रनाथ ठाकुर

Somelines About Us

हर व्यक्ति वह बनना चाहता है जो वह नही है, कोई कोई वह बनना चहता है जो वह बन सकता है।

हमारी अभीलाषा कैवल इतनी है कि हम जो भी करें मन से करें और यह सोचकर करें कि इससे हम दुनिया को बेहतर और सुख से रहने लायक बनने मे कोई योगदान कर रहे हैं। .

Saturday, April 26, 2008  |

अंतरमन: विचारों के संप्रषण केलिऎ हमारा हिन्दी ब्लॉग

आत्मविश्वास . मुस्कराओ , क्योकि हर किसी में आत्म्विश्वास की कमी होती है , और किसी दूसरी चीज की अपेक्षा मुस्कान उनको ज्यादा आश्वस्त करती है ।

खास बात

कविता: कविता गाकर रिझाने के लिए नहीं समझ कर खो जाने के लिए है । कविता वह सुरंग है जिसमें से गुज़र कर मनुष्य एक विश्व को छोड़ कर दूसरे विश्व में प्रवेश करता है ।" – रामधारी सिंह दिनकर

Express: Speek your mind

Oscar Wilde. All that I desire to point out is the general principle that life imitates art far more than art imitates life.

Main Post

Buddha. All things appear and disappear because of the concurrence of causes and conditions. Nothing ever exists entirely alone; everything is in relation to everything else.

Quote it!

निज भाषा उन्नति अहै, सब भाषा को मूल । बिनु निज भाषा ज्ञान के, मिटै न हिय को शूल ॥

» भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

A clever man commits no minor blunders.

» Goethe

Eyetainment

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Express Special

Where we want to go…….
World is a place where every body want a place of his/her own and every body has indeed. to achieve the place one must try heard. nothing is soft earned in this bloody world.

सीधे अतंरमन से

मीठी मीठी तकरार
पता है तुम्है जब तुम चुपके से मुझे देख कर मुस्कुराती हो तुम्हारी आँखों मै भी मुझे अपनी तस्वीर मुस्कुराती नजर आती है फिर कभी ऐसा भी होता है तुम्हारी आँखें जो कहती हैं तुम्हरे होंठ उसे झुठला देते हैं और तुम्हारा मन मजे ले ले कर देखता रहता है सच्चे झूठ की झूठे सच की मीठी मीठी तकरार
फूल
फूल, रंग और खुशबू ही नही आशापुर्ण भी तो होते हैं!

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